सभी मुद्दों पर ख़बरें बनती हैं पर हर ख़बर को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।
ख़बरें करेंट अफ़ेयर समझकर पढ़ ली जाएं और मुद्दों को इंसानियत की तर्ज़ पर देखा जाए तो बेहतर न होगा?
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