मैसेज टू सेंटा क्लॉज़ -
डिअर सेंटा क्लॉज़,
जब हम छोटे थे,तुम हर साल क्रिसमस पर आते थे और तक़ीए के नीचे गिफ़्ट रखकर जाते थे। पर अब तुम क्यों नहीं आते? सबको तुम्हारे तोहफ़े का इंतज़ार रहता है और अब तो तुम्हारे अाने का स्वागत बड़ी धूम-धाम से भी होने लगा है। क्या तुम डरते हो भीड़ और धका-मुक्की से? क्या तुम्हें डर लगता है कि कहीं तुम्हारा बैग चोरी न हो जाए?या फिर तुम्हें गंदगी पसंद नहीं? शायद यह सब न हो तो तुम ज़रूर आना चाहोगे।
लाखों बच्चे तुम्हारा इंतज़ार करते हैं पर समझ नहीं पाते की उन सबके घर में एक सेंटा (मम्मी-पापा) हैं। और शायद मैं भी अब जाकर समझी हूँ की तुमने मुझे मेरा गिफ़्ट मेरे पहले दिन पर ही दे दिया था। मैं तुम्हारे प्यारे गिफ़्ट को संभाल के रखूँगी।
डिअर सेंटा क्लॉज़,
जब हम छोटे थे,तुम हर साल क्रिसमस पर आते थे और तक़ीए के नीचे गिफ़्ट रखकर जाते थे। पर अब तुम क्यों नहीं आते? सबको तुम्हारे तोहफ़े का इंतज़ार रहता है और अब तो तुम्हारे अाने का स्वागत बड़ी धूम-धाम से भी होने लगा है। क्या तुम डरते हो भीड़ और धका-मुक्की से? क्या तुम्हें डर लगता है कि कहीं तुम्हारा बैग चोरी न हो जाए?या फिर तुम्हें गंदगी पसंद नहीं? शायद यह सब न हो तो तुम ज़रूर आना चाहोगे।
लाखों बच्चे तुम्हारा इंतज़ार करते हैं पर समझ नहीं पाते की उन सबके घर में एक सेंटा (मम्मी-पापा) हैं। और शायद मैं भी अब जाकर समझी हूँ की तुमने मुझे मेरा गिफ़्ट मेरे पहले दिन पर ही दे दिया था। मैं तुम्हारे प्यारे गिफ़्ट को संभाल के रखूँगी।

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