Monday, 28 July 2014

खुशियों की सौगात-ईद 


पूरे महीने इंतज़ार करने के बाद ईद का त्योहार आ ही गया। आज चाँद दिखने पर कल ईद मनाई जाएगी। ऐसे में राजधानी ईद की तैयारियों में व्यस्त दिखी। अमीनाबाद,नजीराबाद आदि जगहों पर लोगों ने जमकर शॉपिंग का लुफ्त उठाया। वैसे तो ईद का पर्व पूरी दुनिया मनाती है पर मुसलमानों के लिए यह पर्व बेहद खास होता है। सेवईयों में लिपटी मोहब्बत की मिठास का त्यौहार ईद ,भूख-प्यास सहन करके एक महीने तक सिर्फ खुदा को याद करने वाले रोजेदारों के लिए अल्लाह का इनाम माना जाता है। अमीनाबाद में रहने वाली असीम शेख बताती हैं की ईद का त्योहार भाईचारा बढ़ाता है,सेवईयाँ और मिठाईयों से पर्व की मिठास दुगनी हो जाती है। असीम पुराने दिनों को याद करके कहती हैं "आजकल की व्यस्त दिनचर्या को देखते हुए मुझे बचपन की ईद याद आती है जब पूरा परिवार एक साथ मिलकर ईद मनाता था अब तो यह मुमकिन नही हो पाता केवल फोन और इंटरनेट से ही बधाईयाँ दी जाती हैं, इस दिन “ईदी” देने का रिवाज है। हर बड़ा अपने से छोटे को कुछ रुपए देता है, इसी रकम को ईदी कहते हैं जिसे आजकल ऑनलाइन गिफ्ट की रूप में भी दिया जाने लगा है" वहीं दूसरी तरफ शबाना खान का कहना है " बदलते वक़्त के साथ उनका ईद मनाने का तरीका नहीं बदला। किसी और मौके पर भले ही मिलना जुलना न हो पर ईद पर पूरा परिवार लखनऊ आकर एक साथ ईद मनाता है। रमजान महीने में रोजे रखने से आत्मा पवित्र होती है और नर्क से मुक्ति मिलती है। इसी खुशी में 'ईद' का त्योहार मनाया जाता है। ईद के दौरान बढ़िया खाने के साथ नए कपड़े भी पहने जाते हैं और परिवार और दोस्तों के बीच तोहफ़ों का आदान-प्रदान होता है।" इसी तरह यह ईद कई और लोगों की जीवन में खुशियाँ लेकर आएगी। फिलहाल ईद की तैयारियाँ पूरे उत्साह की साथ शुरू हो चुकी हैं बस चाँद का इंतज़ार है।

No comments:

Post a Comment