प्रगतिशील नारी-
हमारे देश में नारी का पद बड़ा तो है पर नारी शिक्षा अभी भी ध्यान
देने योग्य विषय है. आज हम देखते हैं कि महिलाओं ने हर श्रेणी के काम में अपना योगदान
दिया है. पर अब जरूरत है उसी भूमिका के सम्मान की. यदि पुरूष वर्ग यह समझता है कि स्त्री
कम पगार में काम करने को तत्पर है तो यह गलत है. उसे भी उसके काम के अनुसार वेतन मिलना
चाहिए. कार्य का विभाजन लिंग के आधार पर नहीं बल्कि योग्यता की नींव पर होनी चाहिए.
तभी महिलाओं के मापदण्ड में इज़ाफा होगा और उन्हें एक नई पहचान मिलेगी.

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