सुबह की सीख-
सुबह के दस बजे ज़्यादातर शहरवासी ऑफिस या अपने काम के लिए घर से निकल जाते हैं। कुछ तो बस घर में आराम से सो रह होते हैं और कुछ अपना काम शुरू कर चुके हैं। रोड की किनारे ऐसा ही एक आदमी बैठा है जो एक टोकरी में गरम गरम समोसे बेच रहा है। देखते ही देखते उसके सारे समोसे बिक गए,मैंने उससे पूछा रोज़ का कितना पैसा कमाते हो? उसने गर्व के साथ कहा 350 रुपए। मैंने मन मे सोचा इतने पैसों का तो हम मात्र होटल में खाना खाते हैं। उससे बात करके एहसास हुआ पैसों को कमाना बहुत मुश्किल है और कर्च देना बहुत आसान।
सुबह के दस बजे ज़्यादातर शहरवासी ऑफिस या अपने काम के लिए घर से निकल जाते हैं। कुछ तो बस घर में आराम से सो रह होते हैं और कुछ अपना काम शुरू कर चुके हैं। रोड की किनारे ऐसा ही एक आदमी बैठा है जो एक टोकरी में गरम गरम समोसे बेच रहा है। देखते ही देखते उसके सारे समोसे बिक गए,मैंने उससे पूछा रोज़ का कितना पैसा कमाते हो? उसने गर्व के साथ कहा 350 रुपए। मैंने मन मे सोचा इतने पैसों का तो हम मात्र होटल में खाना खाते हैं। उससे बात करके एहसास हुआ पैसों को कमाना बहुत मुश्किल है और कर्च देना बहुत आसान।
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