एसिड का घिनौना चेहरा-
नेहा श्रीवास्तव
पर उनके पति ने एसिड फेंका। यह बात उनकी शादी के 15 साल बाद की है। लखनऊ में रहने वाली नेहा की शादी, 16 साल की उम्र में हो गई थी। और उनकी शादी के बाद नेहा के पति ने अपना काम करना बंद कर दिया। तीन बच्चों की माँ, नेहा ने फैसला किया कि वो अपने परिवार का पालन–पोषण करेंगीं,
यह बात उनके पति को मंज़ूर न थी, इस बात को लेके रोज़ झगड़ा होता था। 2004 में नेहा के पति ने सोते वक़्त नेहा के चेहरे पर एसिड डाल दिया, और फिर उसने आत्महत्या कर ली। नेहा का 75 प्रतिशत चेहरा जल गया। पर इतना सब होने के बावजूद भी नेहा का आत्मविश्वास और जीने की उम्मीद खत्म नहीं हुई और आज नेहा जेल की विचाराधीन महिलाओं के लिए काम करती हैं।
भारत जैसे पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को हर
कदम पर शोषण और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। एक महिला अपने जीवन भर अंतहीन मुश्किलों का सामना
करती है। इस
दुनिया में प्रवेश करने से पहले भी उन्हें संघर्ष करना पड़ता है और उसे समाज में
दबाने या खत्म करने के लिए या तो कन्या भ्रूण हत्या या बाल विवाह का सहारा लिया
जाता है। एसिड हमले, महिलाओं के खिलाफ सबसे जघन्य अपराधों
में से एक है। यह
सिर्फ शारीरिक चोट नहीं देता बल्कि पूरा जीवन नष्ट कर देता है, सुप्रीम कोर्ट ने भारत भर की दुकानों
में एसिड पर कुछ हद तक प्रतिबंध लगाया है पर एसिड अभी भी ख़रीदे जाने के लिए उपलब्ध
है।

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