Sunday, 6 July 2014



गानों का संगम स्टाइल-


मोबाइल आज कल बात करने के लिए कम और गाने सुनने में ज़्यादा इस्तेमाल होता हैमेरे गानों की प्लेलिस्ट ज़्यादा पुरानी तो नहीं पर मुझे बेढंगे गानों से भी सख्त नफरत हैम्यूजिक भले ही मॉडर्न हो पर कम से कम लिरिक्स तो अच्छी हो, आज के गाने सुनने लायक तो क्या समझने लायक भी नहीं होतेबेतुके बिना मतलब के शब्दों का भंडार होते हैं ऐसे गाने जिनमे हिंदी और इंग्लिश का संगम होता हैमुझे एक बात कभी समझ नहीं आती इंडिया की म्यूजिक इंडस्ट्री में इतने टैलेंटेड गायक-गायिकाएँ हैं, जिनकी आवाज़ कोयल से भी मीठी है तो क्या वह आवाज़ ऐसे बेतुके गानों के लिए बनी है? सारे गाने ऐसे नहीं होते पर जब दस में से नौ गाने पसंद के न हो तो एल्बम देखने का मन नहीं होता इन गानों के कारण हमारी भाषा खराब हो जाती है और इन्हें सुनते-सुनते हम उन शब्दों को अपना लेते हैंअब ज़रूरी है विदेशी रंगों में ढलने के बजाए अपने देश की विशेषता को उभारा जाएनहीं तो हीं ऐसा न हो की टी.वी की बिक्री ही बंद हो जाए

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